करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में फोर्टी यूथ विंग का अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह राघव गिरफ्तार, मामले की जांच में जुटी पुलिस

Dhirendra Singh Raghav arrested in fraud case, व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाले फोर्टी यूथ विंग के अध्यक्ष धीरेन्द्र सिहं राघव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. धीरेन्द्र राघव पर व्यापारियों को रसूख का झांसा देकर करोड़ों की ठगी का मामला दर्ज हुआ था. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है.

जयपुर. ऊंचे रसूखों का झांसा देकर व्यापारी के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले फोर्टी यूथ विंग के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह राघव को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने गिरफ्तार कर लिया है. श्याम नगर थाना प्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि धीरेंद्र सिंह राघव ने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर व्यापारी शैलेंद्र मोदी से दो करोड़ 60 लाख रुपए की ठगी की है. वहीं, पीड़ित व्यापारी शैलेंद्र मोदी ने साल 2022 में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. रिपोर्ट में धीरेंद्र सिंह, उसकी पत्नी सोनम कंवर, संजीव कुमार सांघी और राजीव कुमार सांघी पर बड़े राजनेताओं का रसूख दिखा कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. वहीं, इस पूरे मामले की जांच एसीपी मानसरोवर कर रहे हैं.

व्यापार के नाम पर ठगे 2 करोड़ 60 लाख : पुलिस की ओर से बताया कि परिवादी शैलेंद्र मोदी ने धीरेंद्र सिहं राखव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया कि राघव ने खुद को बड़ा व्यापारी बताते हुए कई कंपनियों का मालिक बताया था. इसके बाद जान पहचान बढ़ाई और फिर बड़े राजनेताओं के साथ फोटो दिखाकर अपने रसूख के बारे में अक्सर बताया करता था. उसी दौरान उसने उसकी पत्नी सोनम से मुलाकात कराई. दोनों ने मिलकर उससे कई कंपनियों में राशि निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया. उसके बाद दो बिजनेस पार्टनर संजीव कुमार सांघी और राजीव कुमार सांधी से मिलवाया और 2 करोड़ 60 लाख रुपए की राशि व्यापार के बहाने उससे लिए. अब पुलिस धीरेंद्र राघव से पूछताछ कर रही है. साथ ही अन्य मामलों को दर्ज जानकारी जुटा रही है. बताया गया कि आरोपी रावघ के खिलाफ अशोक नगर पुलिस थाने में भी प्रकरण दर्ज है, जिसका अनुसंधान किया जा रहा है.

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परिवादी के साथ आरोपी ने किया था एग्रीमेंट : बता दें कि सितंबर, 2019 से फरवरी, 2022 तक कई बार में आरोपी ने व्यापारी से 2 करोड़ 60 लाख रुपए लिए थे. आरोपी धीरेंद्र ने स्टाम्प पर राशि के लेनदेन को लेकर शैलेंद्र के साथ प्राप्ति स्वीकार भी किया और राशि एक साल तक निवेश करने के बाद लौटाने की बात भी कही थी. कुछ समय तक तो सब ठीक चला, लेकिन 10 महीने बाद आरोपी धीरेंद्र और उसकी सोनम का व्यवहार एकदम से बदल गया. एक साल का समय पूरा होने के बाद जब धीरेंद्र ने राशि मांगी तो वो कुछ समय में एक मोटा भुगतान होने की बात कहते हुए पूरी राशि लौटाने का वादा किए.

शैलेंद्र को रुपए की जरूरत पड़ने पर धीरेंद्र से संपर्क कर कुछ राशि उपलब्ध कराने को कहा तो उसने शैलेंद्र को अपने कार्यालय बुलाया, जहां 6 घंटे तक बैठाने के बाद राशि देने से मना कर दिया. हालांकि, बार-बार राशि मांगने पर अपने बड़े नेताओं से संपर्क की धौंस दिखाया और कहा कि उसकी पहुंच दिल्ली तक है. ऐसे में वो किसी से डरने वाला नहीं है. ऐसे में मजबूरन व्यापारी को मुकदमा दर्ज कराना पड़ा. बताया जा रहा है कि राघव पर इसके अलावा एक अन्य मामले में भी 22 करोड़ की ठगी का मुकदमा दर्ज है. वहीं, एनआरआई के साथ भी प्रोजेक्ट के नाम पर उसने करोड़ों की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया था.


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